कब्रिस्तान में खड़े कई सौ हरे पेड़ों पर चली कुल्हाड़ी

काटे गए पेड़ों में लाखों रुपए के बेशकीमती शीशम के पेड़ भी शामिल
मामले को लेकर गांव में दो पक्षों में तनातनी
मेरठ। सरूरपुर थाना क्षेत्र के डाहर गांव के कब्रिस्तान में गांव के कुछ रसूखदार लोगों ने खड़े कई सौ हरे पेड़ों पर कुल्हाड़ी चलाकर उन्हें काट डाला । मामले की सूचना पर पहुंची पुलिस व वन विभाग के अफसरों को मौके पर कुछ पेड़ कटे हुए मिले। हालांकि इस मामले में भी कोई लिखा पढ़ी नहीं की गई है। वहीं दूसरी और पेड़ काटने को लेकर तनातनी बनी हुई है।
गांव से मिली जानकारी के मुताबिक कई साल पहले गांव में गोटका वाले मार्ग पर स्थित कब्रिस्तान में हरे पेड लगाने का कार्य किया गया था। जिनमें शीशम के बेशकीमती यूकेलिप्टस अन्य छायादार पेड़ लगे हुए थे।
बताया गया कि पेड़ कई साल पुराने होने के कारण काफी बड़े हो चुके थे और छायादार होकर फैल चुके थे। लेकिन अचानक गांव के कुछ रसूखदार लोगों ने मिलीभगत करते हुए लगभग सैकड़ो हरे पेड़ों पर कुछ दिन पहले कुल्हाड़ी चलाते हुए काटकर तबाह कर दिया गया। बताया गया है कि पेड़ काटने के बाद आरोपियों ने पेड़ों की लकड़ी बेचकर लाखों रुपए हजम भी कर लिए। जब इस बात की भनक दूसरे पक्ष के लोगों को लगी तो उन्होंने इस मामले की सूचना वन विभाग के अफसरों को देने के साथ पुलिस व मीडिया को भी दी । मौके पर पहुंची पुलिस व वन विभाग के अफसरों को कुछ कटे हुए पेड़ मौके पर पड़े मिले। जबकि ज्यादातर पेड़ काटकर सुबूत मिटाने का प्रयास किया गया । इस संबंध में मौके पर पहुंचे वन विभाग के अफसरों ने कई सौ की संख्या में पेड़ काटे जाने की पुष्टि की तो वहीँ पुलिस ने मामले में लिखा पढ़ी के बाद ही आगे की कार्रवाई करने की बात कही।
फिलहाल मामले को लेकर गांव में दोनों पक्षों में तनातनी बनी हुई है और राजनीति गरमा गई है। बताते चलें कि डाहर गांव में एक धार्मिक स्थल को लेकर पिछले 2 सालों से राजनीति काफी गरमाई हुई है और दोनों पक्षों में तनातनी बनी रहती है। इस मामले को लेकर एक बार फिर दोनों संप्रदाय के लोगों में तनातनी बनी हुई है,तो वहीं दूसरी ओर पुलिस-प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए दखल दे दिया है तथा मामले की जांच कराने की बात कही है।
इस संबंध में थानाध्यक्ष ने बताया कि पुलिस मौके पर गई थी तथा वन विभाग के अफसरों या किसी ग्रामीणों की ओर से कोई तहरीर प्राप्त नहीं हुई है। लिखित में आने पर कार्यवाही की जाएगी। वहीं दूसरी ओर कब्रिस्तान से जुड़े लोगों का कहना है कि कब्रिस्तान की भूमि पर कमेटी द्वारा ही पेड़ लगाए गए थे। जिनमें से कुछ पेड़ सूखने के कारण उनमें से दो-तीन पेड़ काट दिए गए थे। कई सौ हरे पेड़ काटने की बात गलत बताई गई है।

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