मेरठ में दूध, पनीर और मिठाइयों में मिलावट का आरोप, शिवसेना ने खाद्य विभाग के अधिकारियों की जांच की उठाई मांग

त्योहारों की मिठास कहीं लोगों की सेहत के लिए खतरा न बन जाए! दीपावली से पहले मेरठ में खाद्य पदार्थों में मिलावट को लेकर सवाल उठने लगे हैं। शिवसेना की मेरठ इकाई ने दूध, पनीर, खोया और मिठाइयों में कथित मिलावट का मुद्दा उठाते हुए प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की है। संगठन का आरोप है कि त्योहारों के दौरान खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ने का फायदा मिलावटखोर उठा रहे हैं। शिवसेना ने खाद्य विभाग के कुछ अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं और आरोप लगाया है कि मिलीभगत के चलते मिलावट का कारोबार खुलेआम चल रहा है। संगठन का कहना है कि मिलावटी खाद्य पदार्थों के सेवन से आम लोगों की सेहत खतरे में पड़ सकती है और उन्हें आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ता है। इस संबंध में शिवसेना ने प्रशासन से खाद्य अधिकारियों की भूमिका की जांच कराने, मिलावटखोरों के ठिकानों पर छापेमारी करने और दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। हालांकि, अधिकारियों की मिलीभगत और मिलावट के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है। अब देखना होगा कि त्योहारों के मद्देनजर खाद्य सुरक्षा विभाग कितनी सक्रियता दिखाता है और मिलावट पर अंकुश लगाने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।

