नन्ही-सी जान दुनिया में आती है, गिर-गिर कर नन्हे कदमों से चलना सीख जाती है। […]
Category: कविता व गीत
के, मैं जिंदा हूँ अभी
के, मैं जिंदा हूँ अभीशहीद दिवस पर शहीदों को प्रणाम शहीद के परिवार कोकुछ मुआवज़ा,और […]
माँ और शिशु एक अटूट बंधन…!
स्तनपान सप्ताह पर विशेष (1 से 7 अगस्त) माँ और शिशु के बीच हैं एक […]
प्रकृति की नाराज़गी हैं भयंकर…!
नाराज़ प्रकृति की नाराज़गी हैं भयंकर,स्वार्थवश संसाधनों का ‘दोहन’ निरंतर।प्रकृति-मानव का संबंध सदियों पुराना,ऊपर उठाया […]
अनिवार्य और अतिरिक्त
ये कुछअतिरिक्त से लोग हीसही से समझ पाते हैंकविता की अनिवार्यता को ,अन्यथा कविताएं सिर्फपाठ्यक्रमों […]
सबको मिले हैं दुख यहां…
बहुत बेचैनियों भरी हैं ये सुकून की राहें ,रास्तों में ही उलझ रहा हूं धागों […]
समय-शायरी: अन्याय के खिलाफ़ हैं तो बोलिए ज़रूर
समय-शायरी में आज पढ़िये सुल्तानपुर जनपद के वरिष्ठ गजलकार डॉ. डीएम मिश्र की बेहतरीन गजल […]
समय-शायरी: रक्तदान
घायल फौजियों को रक्त की जरूरत है ,घायल फौजियों को रक्त की जरूरत है ,यह […]
पहलगाम हमले पर कविता
कायर बुझदिल पाकिस्तानी,हरकत करते हो बचकानी। मासूमों का रक्त बहाकर,पियोगे सिन्धू का पानी। मारा सबको […]
Dr DM Mishra Sultanpur की नई क़िताब- सच कहना यूँ अंगारों पर चलना होता है
जैसे बीज अंकुरित हो धरती फोड़कर बाहर आता है ,आकार ग्रहण करता है , पौधे […]
